D.A.V. PG COLLEGE, LUCKNOW, U.P., INDIA

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परम श्रद्धेय

स्व० पं० रास बिहारी तिवारी जी

संस्थापक एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी  

 

परम श्रद्धेय

स्व० पं० भृगु दत्त तिवारी जी

                                      (एडवोकेट)

संस्थापक एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी  

          जुलाई 1918 में आर्य समाज मंदिर, गणेशगंज, लखनऊ में डी०ए०वी० कालेज कि स्थापना सुप्रसिद्ध समाजसेवी परम श्रद्धेय स्व० पं० रास बिहारी तिवारी जी  द्वारा एक मिडिल स्‍कूल के रूप में हुयीं। 1920 में इसको हाई स्कूल बनाया गया। 1925 में यह विद्यालय वर्तमान भवन में स्थानांतरित किया गया। 1942 में इंटरमीडिएट कि कक्षाएं आरम्भ की गई। संस्थापक एवं प्रबंधक श्रद्धेय स्व० पं० रास बिहारी तिवारी जी के निधन के उपरान्त सुप्रसिद्ध अधिवक्ता एवं समाजसेवी परम श्रद्धेय स्व० पं० भृगु दत्त तिवारी जी विद्यालय के प्रबंधक हुए, जिनके कार्यकाल में विद्यालय प्रगति की ओर अग्रसर हुआ। 1948 से स्नातक (कला एवं विज्ञान वर्ग) कक्षाएं प्रारम्भ हुई और 1972-73 सत्र में विद्यालय के उत्साही प्रबंधक श्री मनमोहन तिवारी जी के प्रयास से विधि कक्षाएं प्रारम्भ की गयी । सत्र 2003-04 से स्नाताकोत्तर कक्षाओं को स्थाई सम्बद्धता ऊ०प्र० शासन से स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत प्राप्त हुई।
          महाविद्यालय के वर्तमान प्रबंधक आर्य समाज गणेशगंज, लखनऊ के सुयोग्य मंत्री श्री मनमोहन तिवारी जी हैं। यह महाविद्यालय पवित्र विचार एवं शुद्ध आचरण वाले ज्ञान मार्ग के अनुयायियों के लिए मानसिक, शारीरिक और नैतिक विकास हेतु उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र है। विद्यार्थियों में कर्त्तव्य-बोध, सत्य-बोध तथा सौन्दर्य बोध जागृत करना, उनमें देश-प्रेम, बंधुत्व, उदारता, अनुशासनशीलता, आदि सनातन आर्य गुणों का समावेश करना ही इस संस्था का आदर्श है। शिक्षा के इस मंदिर में विद्यार्थी अपने स्नातक एवं स्नाताकोत्तर जीवन में, उच्चतर और सुन्दर मान्यताओं की प्रतिष्ठा करते हुए, ज्ञान की साधना द्वारा राष्ट्रीय, सामाजिक और व्यक्तिगत कल्याण का समन्वय स्थापित कर, कर्म क्षेत्र के लिए समृद्ध होते हैं। वे स्वावलंबन, कर्त्व्य-परायणता और लोकोपयोगी नागरिकता की शिक्षा ग्रहण करते हैं । इस महाविद्यालय की स्वस्थ एवं उज्जवल परम्पराएं, छात्रों में अपने कर्त्तव्य, अपने महाविद्यालय तथा अपने गुरुजनों के प्रति अतीव श्रद्धा और निष्ठां का पोषण करती हैं।